Drilldown: Verses
Use the filters below to narrow your results.
DDS_C09_V01 (1) ·
DDS_C09_V02 (1) ·
DDS_C09_V03 (1) ·
DDS_C09_V04 (1) ·
DDS_C09_V05 (1) ·
DDS_C09_V06 (1) ·
DDS_C09_V07 (1) ·
DDS_C09_V08 (1) ·
DDS_C09_V09 (1) ·
DDS_C09_V10 (1) ·
DDS_C09_V11 (1) ·
DDS_C09_V12 (1) ·
DDS_C09_V13 (1) ·
DDS_C09_V14 (1) ·
DDS_C09_V15 (1) ·
DDS_C09_V16 (1) ·
TLK_C04_V01 (3) ·
TLK_C04_V02 (3) ·
TLK_C04_V03 (3) ·
TLK_C04_V04 (3) ·
TLK_C04_V05 (1) ·
TLK_C04_V06 (1) ·
TLK_C04_V07 (1) ·
TLK_C04_V08 (1) ·
TLK_C04_V09 (1) ·
TLK_C04_V10 (1)
None (3) ·
अखलिजनिवलिय परसुखकारण परपुरुषोत्तम भव मम शरणम् । (1) ·
अगणितगुणगणमयशरीर हे विगतगुणेतर भव मम शरणम् । (1) ·
अतिबलदितिसुतहृदयविभेदन जय नृहरेमल भव मम शरणम् । (1) ·
अतिमत तमोगिरिसमितिविभेदन पितामहभूतिद गुणगणनलिय । (1) ·
अपरिमितसुखनिधिविमलसुदेह हे विगतसुखेतर भव मम शरणम् । (1) ·
अविजितकुनृपतिसमितिविखण्डन रमावर वीरप भव मम शरणम् । (1) ·
इति तव नुतिवरसततरतेर्भव सुशरणमुरुसुखतीर्थमुनेर्भगवन् । (1) ·
कलिमलहुतवह सुभग महोत्सव शरणद कल्कीश हे भव मम शरणम् । (1) ·
खरतरनिशिचरदहन परामृत रघुवर मानद भव मम शरणम् । (1) ·
दितिसुतमोहन विमलविबोधन परगुणबुद्ध हे भव मम शरणम् । (1) ·
प्रचलितलयजलविहरणशाश्वत सुखमय मीन हे भव मम शरणम् । (1) ·
बलिमुखदितिसुतविजयविनाशन जगदवनाजित भव मम शरणम् । (1) ·
विधिभवमुखसुरसततसुवन्दित रमामनोहर भव मम शरणम् । (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥1॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥10॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥11॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥12॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥13॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥14॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥15॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥16॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥2॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥3॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥4॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥5॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥6॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥7॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥8॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥9॥ (1) ·
सगिरिवरधरातलवह सुसूकर परम विबोध हे भव मम शरणम् । (1) ·
सुरदितिजसुबलवलिुलितमन्दरधर परकूर्म हे भव मम शरणम् । (1) ·
सुललिततनुवर वरद महाबल यदुवर पार्थप भव मम शरणम् । (1)
Showing below up to 34 results in range #1 to #34.


