Drilldown: Verses
Use the filters below to narrow your results.
अखलिजनिवलिय परसुखकारण परपुरुषोत्तम भव मम शरणम् । (1) ·
अगणितगुणगणमयशरीर हे विगतगुणेतर भव मम शरणम् । (1) ·
अतिबलदितिसुतहृदयविभेदन जय नृहरेमल भव मम शरणम् । (1) ·
अतिमत तमोगिरिसमितिविभेदन पितामहभूतिद गुणगणनलिय । (1) ·
अपरिमितसुखनिधिविमलसुदेह हे विगतसुखेतर भव मम शरणम् । (1) ·
अविजितकुनृपतिसमितिविखण्डन रमावर वीरप भव मम शरणम् । (1) ·
इति तव नुतिवरसततरतेर्भव सुशरणमुरुसुखतीर्थमुनेर्भगवन् । (1) ·
कलिमलहुतवह सुभग महोत्सव शरणद कल्कीश हे भव मम शरणम् । (1) ·
खरतरनिशिचरदहन परामृत रघुवर मानद भव मम शरणम् । (1) ·
दितिसुतमोहन विमलविबोधन परगुणबुद्ध हे भव मम शरणम् । (1) ·
प्रचलितलयजलविहरणशाश्वत सुखमय मीन हे भव मम शरणम् । (1) ·
बलिमुखदितिसुतविजयविनाशन जगदवनाजित भव मम शरणम् । (1) ·
विधिभवमुखसुरसततसुवन्दित रमामनोहर भव मम शरणम् । (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥1॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥10॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥11॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥12॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥13॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥14॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥15॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥16॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥2॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥3॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥4॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥5॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥6॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥7॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥8॥ (1) ·
शुभतमकथाशय परम सदोदित जगदेककारण राम रमारमण ॥9॥ (1) ·
सगिरिवरधरातलवह सुसूकर परम विबोध हे भव मम शरणम् । (1) ·
सुरदितिजसुबलवलिुलितमन्दरधर परकूर्म हे भव मम शरणम् । (1) ·
सुललिततनुवर वरद महाबल यदुवर पार्थप भव मम शरणम् । (1)
Showing below up to 16 results in range #1 to #16.


