Bruhadaranyaka/C5/S13: Difference between revisions

Imported from pramati-sarvamoola XML (grantha.io importer v3)
Imported from pramati-sarvamoola XML (grantha.io importer v3)
Line 4: Line 4:
| title        = त्रयोदशं ब्राह्मणम्
| title        = त्रयोदशं ब्राह्मणम्
}}
}}
== त्रयोदशं ब्राह्मणम् ==
{{VerseBlock
{{VerseBlock
| verse_id      = BR_C05_S13_V01
| verse_id      = BR_C05_S13_V01
Line 12: Line 10:
| verse_type    = mantra
| verse_type    = mantra
| verse_line1  = एतद्वै परमं तपो यद् व्याधितस्तप्यते परमं हैव स लोकं जयति य एवं वेदैतद्वै परमं तपो यं प्रेतमरण्यं हरन्ति परमं हैव स लोकं जयति य एवं वेदैतद्वै परमं तपो यं प्रेतमग्नावभ्यादधति परमं हैव स लोकं जयति य एवं वेद ॥
| verse_line1  = एतद्वै परमं तपो यद् व्याधितस्तप्यते परमं हैव स लोकं जयति य एवं वेदैतद्वै परमं तपो यं प्रेतमरण्यं हरन्ति परमं हैव स लोकं जयति य एवं वेदैतद्वै परमं तपो यं प्रेतमग्नावभ्यादधति परमं हैव स लोकं जयति य एवं वेद ॥
| commentary1  = bruhadaranyaka
}}
}}