BramhasutraBhashyam/index

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BramhasutraBhashyam — सूची

सूत्रसूची

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BS_C01_S01_V01 sutra ओम् ओम् अथातो ब्रह्मजिज्ञासा ओम् ॥ 01-01-01 ॥
BS_C01_S01_V01 sutra ओम् ओम् अथातो ब्रह्मजिज्ञासा ओम् ॥ 01-01-01 ॥
BS_C01_S01_V01 sutra ॐ ॐअथातो ब्रह्मजिज्ञासा ॐ ॥ 01-01 ॥
BS_C01_S01_V01 sutra ॐ ॐअथातो ब्रह्मजिज्ञासा ॐ ॥ 01-01 ॥
BS_C01_S01_V02 sutra ओं जन्माद्यस्य यतः ओम् ॥ 01-01-02 ॥
BS_C01_S01_V02 sutra ओं जन्माद्यस्य यतः ओम् ॥ 01-01-02 ॥
BS_C01_S01_V02 sutra ॐ जन्माद्यस्य यतः ॐ ॥ 02-02 ॥
BS_C01_S01_V02 sutra ॐ जन्माद्यस्य यतः ॐ ॥ 02-02 ॥
BS_C01_S01_V03 sutra ओं शास्त्रयोनित्वात् ओम् ॥ 01-01-03 ॥
BS_C01_S01_V03 sutra ॐ शास्त्रयोनित्वात् ॐ ॥ 03-03 ॥
BS_C01_S01_V03 sutra ॐ शास्त्रयोनित्वात् ॐ ॥ 03-03 ॥
BS_C01_S01_V03 sutra ओं शास्त्रयोनित्वात् ओम् ॥ 01-01-03 ॥
BS_C01_S01_V04 sutra ॐ तत्तु समन्वयात् ॐ ॥ 04-04 ॥
BS_C01_S01_V04 sutra ओं तत्तु समन्वयात् ओम् ॥ 01-01-04 ॥
BS_C01_S01_V04 sutra ॐ तत्तु समन्वयात् ॐ ॥ 04-04 ॥
BS_C01_S01_V04 sutra ओं तत्तु समन्वयात् ओम् ॥ 01-01-04 ॥
BS_C01_S01_V05 sutra ॐ ईक्षतेर्नाशब्दम् ॐ ॥ 05-05 ॥
BS_C01_S01_V05 sutra ओम् ईक्षतेर्नाशब्दम् ओम् ॥ 01-01-05 ॥
BS_C01_S01_V05 sutra ओम् ईक्षतेर्नाशब्दम् ओम् ॥ 01-01-05 ॥
BS_C01_S01_V05 sutra ॐ ईक्षतेर्नाशब्दम् ॐ ॥ 05-05 ॥
BS_C01_S01_V06 sutra ओं गौणश्चेन्नात्मशब्दात् ओम् ॥ 01-01-06 ॥
BS_C01_S01_V06 sutra ओं गौणश्चेन्नात्मशब्दात् ओम् ॥ 01-01-06 ॥
BS_C01_S01_V06 sutra ॐ गौणश्चेन्नात्मशब्दात् ॐ ॥ 06-06 ॥
BS_C01_S01_V06 sutra ॐ गौणश्चेन्नात्मशब्दात् ॐ ॥ 06-06 ॥
BS_C01_S01_V07 sutra ओं तन्निष्ठस्य मोक्षोपदेशात् ओम् ॥ 01-01-07 ॥
BS_C01_S01_V07 sutra ॐ तन्निष्ठस्य मोक्षोपदेशात् ॐ ॥ 07-07 ॥
BS_C01_S01_V07 sutra ओं तन्निष्ठस्य मोक्षोपदेशात् ओम् ॥ 01-01-07 ॥
BS_C01_S01_V07 sutra ॐ तन्निष्ठस्य मोक्षोपदेशात् ॐ ॥ 07-07 ॥
BS_C01_S01_V08 sutra ओं हेयत्वावचनाच्च ओम् ॥ 01-01-08 ॥
BS_C01_S01_V08 sutra ॐ हेयत्वावचनाच्च ॐ ॥ 08-08 ॥
BS_C01_S01_V08 sutra ओं हेयत्वावचनाच्च ओम् ॥ 01-01-08 ॥
BS_C01_S01_V08 sutra ॐ हेयत्वावचनाच्च ॐ ॥ 08-08 ॥
BS_C01_S01_V09 sutra ॐ स्वाप्ययात् ॐ ॥ 09-09 ॥
BS_C01_S01_V09 sutra ओं स्वाप्ययात् ओम् ॥ 01-01-09 ॥
BS_C01_S01_V09 sutra ॐ स्वाप्ययात् ॐ ॥ 09-09 ॥
BS_C01_S01_V09 sutra ओं स्वाप्ययात् ओम् ॥ 01-01-09 ॥
BS_C01_S01_V10 sutra ओं गतिसामान्यात् ओम् ॥ 01-01-10 ॥
BS_C01_S01_V10 sutra ओं गतिसामान्यात् ओम् ॥ 01-01-10 ॥
BS_C01_S01_V10 sutra ॐ गतिसामान्यात् ॐ ॥ 10-10 ॥
BS_C01_S01_V10 sutra ॐ गतिसामान्यात् ॐ ॥ 10-10 ॥
BS_C01_S01_V11 sutra ओं श्रुतत्वाच्च ओम् ॥ 01-01-11 ॥
BS_C01_S01_V11 sutra ॐ श्रुतत्वाच्च ॐ ॥ 11-11 ॥
BS_C01_S01_V11 sutra ॐ श्रुतत्वाच्च ॐ ॥ 11-11 ॥
BS_C01_S01_V11 sutra ओं श्रुतत्वाच्च ओम् ॥ 01-01-11 ॥
BS_C01_S01_V12 sutra ओम् आनन्दमयोऽभ्यासात् ओम् ॥ 01-01-12 ॥
BS_C01_S01_V12 sutra ॐ आनन्दमयोऽभ्यासात् ॐ ॥ 12-12 ॥
BS_C01_S01_V12 sutra ओम् आनन्दमयोऽभ्यासात् ओम् ॥ 01-01-12 ॥
BS_C01_S01_V12 sutra ॐ आनन्दमयोऽभ्यासात् ॐ ॥ 12-12 ॥
BS_C01_S01_V13 sutra ॐ विकारशब्दान्नेति चेन्न प्राचुर्यात् ॐ ॥ 13-13 ॥
BS_C01_S01_V13 sutra ओं विकारशब्दान्नेति चेन्न प्राचुर्यात् ओम् ॥ 01-01-13 ॥
BS_C01_S01_V13 sutra ओं विकारशब्दान्नेति चेन्न प्राचुर्यात् ओम् ॥ 01-01-13 ॥
BS_C01_S01_V13 sutra ॐ विकारशब्दान्नेति चेन्न प्राचुर्यात् ॐ ॥ 13-13 ॥
BS_C01_S01_V14 sutra ॐ तद्धेतुव्यपदेशाच्च ॐ ॥ 14-14 ॥
BS_C01_S01_V14 sutra ओं तद्धेतुव्यपदेशाच्च ओम् ॥ 01-01-14 ॥
BS_C01_S01_V14 sutra ओं तद्धेतुव्यपदेशाच्च ओम् ॥ 01-01-14 ॥
BS_C01_S01_V14 sutra ॐ तद्धेतुव्यपदेशाच्च ॐ ॥ 14-14 ॥
BS_C01_S01_V15 sutra ॐ मान्त्रवर्णिकमेव च गीयते ॐ ॥ 15-15 ॥
BS_C01_S01_V15 sutra ओं मान्त्रवर्णिकमेव च गीयते ओम् ॥ 01-01-15 ॥
BS_C01_S01_V15 sutra ॐ मान्त्रवर्णिकमेव च गीयते ॐ ॥ 15-15 ॥
BS_C01_S01_V15 sutra ओं मान्त्रवर्णिकमेव च गीयते ओम् ॥ 01-01-15 ॥
BS_C01_S01_V16 sutra ॐ नेतरोऽनुपपत्तेः ॐ ॥ 16-16 ॥
BS_C01_S01_V16 sutra ओं नेतरोऽनुपपत्तेः ओम् ॥ 01-01-16 ॥
BS_C01_S01_V16 sutra ॐ नेतरोऽनुपपत्तेः ॐ ॥ 16-16 ॥
BS_C01_S01_V16 sutra ओं नेतरोऽनुपपत्तेः ओम् ॥ 01-01-16 ॥
BS_C01_S01_V17 sutra ओं भेदव्यपदेशाच्च ओम् ॥ 01-01-17 ॥
BS_C01_S01_V17 sutra ओं भेदव्यपदेशाच्च ओम् ॥ 01-01-17 ॥
BS_C01_S01_V17 sutra ॐ भेदव्यपदेशाच्च ॐ ॥ 17-17 ॥
BS_C01_S01_V17 sutra ॐ भेदव्यपदेशाच्च ॐ ॥ 17-17 ॥
BS_C01_S01_V18 sutra ॐ कामाच्च नानुमानापेक्षा ॐ ॥ 18-18 ॥
BS_C01_S01_V18 sutra ॐ कामाच्च नानुमानापेक्षा ॐ ॥ 18-18 ॥
BS_C01_S01_V18 sutra ओं कामाच्च नानुमानापेक्षा ओम् ॥ 18-18 ॥
BS_C01_S01_V18 sutra ओं कामाच्च नानुमानापेक्षा ओम् ॥ 18-18 ॥
BS_C01_S01_V19 sutra ॐ अस्मिन्नस्य च तद्योगं शास्ति ॐ ॥ 19-19 ॥
BS_C01_S01_V19 sutra ॐ अस्मिन्नस्य च तद्योगं शास्ति ॐ ॥ 19-19 ॥
BS_C01_S01_V19 sutra ओम् अस्मिन्नस्य च तद्योगं शास्ति ओम् ॥ 01-01-19 ॥
BS_C01_S01_V19 sutra ओम् अस्मिन्नस्य च तद्योगं शास्ति ओम् ॥ 01-01-19 ॥
BS_C01_S01_V20 sutra ॐ अन्तस्तद्धर्मोपदेशात् ॐ ॥ 20-20 ॥
BS_C01_S01_V20 sutra ॐ अन्तस्तद्धर्मोपदेशात् ॐ ॥ 20-20 ॥
BS_C01_S01_V20 sutra ओं अन्तस्तद्धर्मोपदेशात् ओम् ॥ 01-01-20 ॥
BS_C01_S01_V20 sutra ओं अन्तस्तद्धर्मोपदेशात् ओम् ॥ 01-01-20 ॥
BS_C01_S01_V21 sutra ओं भेदव्यपदेशाच्चान्यः ओम् ॥ 01-01-21 ॥
BS_C01_S01_V21 sutra ॐ भेदव्यपदेशाच्चान्यः ॐ ॥ 21-21 ॥
BS_C01_S01_V21 sutra ॐ भेदव्यपदेशाच्चान्यः ॐ ॥ 21-21 ॥
BS_C01_S01_V21 sutra ओं भेदव्यपदेशाच्चान्यः ओम् ॥ 01-01-21 ॥
BS_C01_S01_V22 sutra ओम् आकाशस्तल्लिङ्गात् ओम् ॥ 01-01-22 ॥
BS_C01_S01_V22 sutra ॐ आकाशस्तल्लिङ्गात् ॐ ॥ 22-22 ॥
BS_C01_S01_V22 sutra ओम् आकाशस्तल्लिङ्गात् ओम् ॥ 01-01-22 ॥
BS_C01_S01_V22 sutra ॐ आकाशस्तल्लिङ्गात् ॐ ॥ 22-22 ॥
BS_C01_S01_V23 sutra ओम् अत एव प्राणः ओम् ॥ 01-01-23 ॥
BS_C01_S01_V23 sutra ॐ अत एव प्राणः ॐ ॥ 23-23 ॥
BS_C01_S01_V23 sutra ओम् अत एव प्राणः ओम् ॥ 01-01-23 ॥
BS_C01_S01_V23 sutra ॐ अत एव प्राणः ॐ ॥ 23-23 ॥
BS_C01_S01_V24 sutra ओं ज्योतिश्चरणाभिधानात् ओम् ॥ 24-24 ॥
BS_C01_S01_V24 sutra ओं ज्योतिश्चरणाभिधानात् ओम् ॥ 24-24 ॥
BS_C01_S01_V24 sutra ॐ ज्योतिश्चरणाभिधानात् ॐ ॥ 24-24 ॥
BS_C01_S01_V24 sutra ॐ ज्योतिश्चरणाभिधानात् ॐ ॥ 24-24 ॥
BS_C01_S01_V25 sutra ओं छन्दोऽभिधानान्नेति चेन्न तथा चेतोऽर्पणनिगदात् तथा हि दर्शनम् ओं॥ 01-01-25 ॥
BS_C01_S01_V25 sutra ॐ छन्दोऽभिधानान्नेति चेन्न तथा चेतोऽर्पणनिगदात् तथा हि दर्शनम् ॐ॥ 25-25 ॥
BS_C01_S01_V25 sutra ॐ छन्दोऽभिधानान्नेति चेन्न तथा चेतोऽर्पणनिगदात् तथा हि दर्शनम् ॐ॥ 25-25 ॥
BS_C01_S01_V25 sutra ओं छन्दोऽभिधानान्नेति चेन्न तथा चेतोऽर्पणनिगदात् तथा हि दर्शनम् ओं॥ 01-01-25 ॥
BS_C01_S01_V26 sutra ओं भूतादिपादव्यपदेशोपपत्तेश्चैवम् ओम् ॥ 01-01-26 ॥
BS_C01_S01_V26 sutra ॐ भूतादिपादव्यपदेशोपपत्तेश्चैवम् ॐ ॥ 26-26 ॥
BS_C01_S01_V26 sutra ओं भूतादिपादव्यपदेशोपपत्तेश्चैवम् ओम् ॥ 01-01-26 ॥
BS_C01_S01_V26 sutra ॐ भूतादिपादव्यपदेशोपपत्तेश्चैवम् ॐ ॥ 26-26 ॥
BS_C01_S01_V27 sutra ॐ उपदेशभेदान्नेति चेन्नोभयस्मिन्नप्यविरोधात् ॐ ॥ 27-27॥
BS_C01_S01_V27 sutra ओम् उपदेशभेदान्नेति चेन्नोभयस्मिन्नप्यविरोधात् ओम् ॥ 01-01-27॥
BS_C01_S01_V27 sutra ॐ उपदेशभेदान्नेति चेन्नोभयस्मिन्नप्यविरोधात् ॐ ॥ 27-27॥
BS_C01_S01_V27 sutra ओम् उपदेशभेदान्नेति चेन्नोभयस्मिन्नप्यविरोधात् ओम् ॥ 01-01-27॥
BS_C01_S01_V28 sutra ॐ प्राणस्तथाऽनुगमात् ॐ ॥ 28-28 ॥
BS_C01_S01_V28 sutra ॐ प्राणस्तथाऽनुगमात् ॐ ॥ 28-28 ॥
BS_C01_S01_V28 sutra ओं प्राणस्तथाऽनुगमात् ओम् ॥ 01-01-28 ॥
BS_C01_S01_V28 sutra ओं प्राणस्तथाऽनुगमात् ओम् ॥ 01-01-28 ॥
BS_C01_S01_V29 sutra ओं न वक्तुरात्मोपदेशादिति चेदध्यात्मसम्बन्धभूमा ह्यस्मिन् ओम् ॥ 01-01-29 ॥
BS_C01_S01_V29 sutra ॐ न वक्तुरात्मोपदेशादिति चेदध्यात्मसम्भन्धभूमा ह्यस्मिन् ॐ ॥ 29-29 ॥
BS_C01_S01_V29 sutra ओं न वक्तुरात्मोपदेशादिति चेदध्यात्मसम्बन्धभूमा ह्यस्मिन् ओम् ॥ 01-01-29 ॥
BS_C01_S01_V29 sutra ॐ न वक्तुरात्मोपदेशादिति चेदध्यात्मसम्भन्धभूमा ह्यस्मिन् ॐ ॥ 29-29 ॥
BS_C01_S01_V30 sutra ॐ शास्त्रदृष्ट्यातूपदेशो वामदेववत् ॐ ॥ 30-30 ॥
BS_C01_S01_V30 sutra ओं शास्त्रदृष्ट्यातूपदेशो वामदेववत् ओम् ॥ 01-01-30 ॥
BS_C01_S01_V30 sutra ॐ शास्त्रदृष्ट्यातूपदेशो वामदेववत् ॐ ॥ 30-30 ॥
BS_C01_S01_V30 sutra ओं शास्त्रदृष्ट्यातूपदेशो वामदेववत् ओम् ॥ 01-01-30 ॥
BS_C01_S01_V31 sutra ओं जीवमुख्यप्राणलिङ्गान्नेति चेन्नोपासात्रैविध्यादाश्रितत्वादिह तद्योगात् ओम् ॥ 01-01-31 ॥
BS_C01_S01_V31 sutra ॐ जीवमुख्यप्राणलिङ्गान्नेति चेन्नोपासात्रैविध्यादाश्रितत्वादिह तद्योगात् ॐ ॥ 31-31 ॥
BS_C01_S01_V31 sutra ॐ जीवमुख्यप्राणलिङ्गान्नेति चेन्नोपासात्रैविध्यादाश्रितत्वादिह तद्योगात् ॐ ॥ 31-31 ॥
BS_C01_S01_V31 sutra ओं जीवमुख्यप्राणलिङ्गान्नेति चेन्नोपासात्रैविध्यादाश्रितत्वादिह तद्योगात् ओम् ॥ 01-01-31 ॥
BS_C01_S02_V01 sutra ॐ सर्वत्र प्रसिद्धोपदेशात् ॐ ॥ 01-32 ॥
BS_C01_S02_V01 sutra ओं सर्वत्र प्रसिद्धोपदेशात् ओम् ॥ 01-02-01 ॥
BS_C01_S02_V01 sutra ॐ सर्वत्र प्रसिद्धोपदेशात् ॐ ॥ 01-32 ॥
BS_C01_S02_V01 sutra ओं सर्वत्र प्रसिद्धोपदेशात् ओम् ॥ 01-02-01 ॥
BS_C01_S02_V02 sutra ॐ विवक्षितगुणोपपत्तेश्च ॐ ॥ 02-33 ॥
BS_C01_S02_V02 sutra ओं विवक्षितगुणोपपत्तेश्च ओम् ॥ 01-02-02 ॥
BS_C01_S02_V02 sutra ओं विवक्षितगुणोपपत्तेश्च ओम् ॥ 01-02-02 ॥
BS_C01_S02_V02 sutra ॐ विवक्षितगुणोपपत्तेश्च ॐ ॥ 02-33 ॥
BS_C01_S02_V03 sutra ओम् अनुपपत्तेस्तुन शारीरः ओम् ॥ 01-02-03 ॥
BS_C01_S02_V03 sutra ॐ अनुपपत्तेस्तुन शारीरः ॐ ॥ 03-34 ॥
BS_C01_S02_V03 sutra ओम् अनुपपत्तेस्तुन शारीरः ओम् ॥ 01-02-03 ॥
BS_C01_S02_V03 sutra ॐ अनुपपत्तेस्तुन शारीरः ॐ ॥ 03-34 ॥
BS_C01_S02_V04 sutra ओं कर्मकर्तृव्यपदेशाच्च ओम् ॥ 01-02-04 ॥
BS_C01_S02_V04 sutra ओं कर्मकर्तृव्यपदेशाच्च ओम् ॥ 01-02-04 ॥
BS_C01_S02_V04 sutra ॐ कर्मकर्तृव्यपदेशाच्च ॐ ॥ 04-35 ॥
BS_C01_S02_V04 sutra ॐ कर्मकर्तृव्यपदेशाच्च ॐ ॥ 04-35 ॥
BS_C01_S02_V05 sutra ॐ शब्दविशेषात् ॐ ॥ 05-36 ॥
BS_C01_S02_V05 sutra ओं शब्दविशेषात् ओम् ॥ 05-36 ॥
BS_C01_S02_V05 sutra ओं शब्दविशेषात् ओम् ॥ 05-36 ॥
BS_C01_S02_V05 sutra ॐ शब्दविशेषात् ॐ ॥ 05-36 ॥
BS_C01_S02_V06 sutra ओं स्मृतेश्च ओम् ॥ 01-02-06 ॥
BS_C01_S02_V06 sutra ओं स्मृतेश्च ओम् ॥ 01-02-06 ॥
BS_C01_S02_V06 sutra ॐ स्मृतेश्च ॐ ॥ 06-37 ॥
BS_C01_S02_V06 sutra ॐ स्मृतेश्च ॐ ॥ 06-37 ॥
BS_C01_S02_V07 sutra ॐ अर्भकौकस्त्वात् तद्व्यपदेशाच्च नेति चेन्न निचाय्यत्वादेवं व्योमवच्च ॐ ॥07-38 ॥
BS_C01_S02_V07 sutra ॐ अर्भकौकस्त्वात् तद्व्यपदेशाच्च नेति चेन्न निचाय्यत्वादेवं व्योमवच्च ॐ ॥07-38 ॥
BS_C01_S02_V07 sutra ओम् अर्भकौकस्त्वात् तद्व्यपदेशाच्च नेति चेन्न निचाय्यत्वादेवं व्योमवच्च ओम् ॥01-02-07 ॥
BS_C01_S02_V07 sutra ओम् अर्भकौकस्त्वात् तद्व्यपदेशाच्च नेति चेन्न निचाय्यत्वादेवं व्योमवच्च ओम् ॥01-02-07 ॥
BS_C01_S02_V08 sutra ॐ सम्भोगप्राप्तिरिति चेन्न वैशेष्यात् ॐ ॥ 08-39 ॥
BS_C01_S02_V08 sutra ॐ सम्भोगप्राप्तिरिति चेन्न वैशेष्यात् ॐ ॥ 08-39 ॥
BS_C01_S02_V08 sutra ओं सम्भोगप्राप्तिरिति चेन्न वैशेष्यात् ओम् ॥ 08-39 ॥
BS_C01_S02_V08 sutra ओं सम्भोगप्राप्तिरिति चेन्न वैशेष्यात् ओम् ॥ 08-39 ॥
BS_C01_S02_V09 sutra ओम् अत्ताचराचरग्रहणात् ओम् ॥ 09-40 ॥
BS_C01_S02_V09 sutra ॐ अत्ताचराचरग्रहणात् ॐ ॥ 09-40 ॥
BS_C01_S02_V09 sutra ओम् अत्ताचराचरग्रहणात् ओम् ॥ 09-40 ॥
BS_C01_S02_V09 sutra ॐ अत्ताचराचरग्रहणात् ॐ ॥ 09-40 ॥
BS_C01_S02_V10 sutra ओं प्रकरणाच्च ओम् ॥ 01-02-10 ॥
BS_C01_S02_V10 sutra ओं प्रकरणाच्च ओम् ॥ 01-02-10 ॥
BS_C01_S02_V10 sutra ॐ प्रकरणाच्च ॐ ॥ 10-41 ॥
BS_C01_S02_V10 sutra ॐ प्रकरणाच्च ॐ ॥ 10-41 ॥
BS_C01_S02_V11 sutra ओं गुहां प्रविष्टावात्मानौ हि तद्दर्शनात् ओम् ॥ 01-02-11 ॥
BS_C01_S02_V11 sutra ॐ गुहां प्रविष्टावात्मानौ हि तद्दर्शनात् ॐ ॥ 11-42 ॥
BS_C01_S02_V11 sutra ॐ गुहां प्रविष्टावात्मानौ हि तद्दर्शनात् ॐ ॥ 11-42 ॥
BS_C01_S02_V11 sutra ओं गुहां प्रविष्टावात्मानौ हि तद्दर्शनात् ओम् ॥ 01-02-11 ॥
BS_C01_S02_V12 sutra ओं विशेषणाच्च ओम् ॥ 01-02-12 ॥
BS_C01_S02_V12 sutra ओं विशेषणाच्च ओम् ॥ 01-02-12 ॥
BS_C01_S02_V12 sutra ॐ विशेषणाच्च ॐ ॥ 12-43 ॥
BS_C01_S02_V12 sutra ॐ विशेषणाच्च ॐ ॥ 12-43 ॥
BS_C01_S02_V13 sutra ॐ अन्तर उपपत्तेः ॐ ॥ 13-44 ॥
BS_C01_S02_V13 sutra ओम् अन्तर उपपत्तेः ओम् ॥ 01-02-13 ॥
BS_C01_S02_V13 sutra ओम् अन्तर उपपत्तेः ओम् ॥ 01-02-13 ॥
BS_C01_S02_V13 sutra ॐ अन्तर उपपत्तेः ॐ ॥ 13-44 ॥
BS_C01_S02_V14 sutra ओं स्थानादिव्यपदेशाच्च ओम् ॥ 01-02-14 ॥
BS_C01_S02_V14 sutra ॐ स्थानादिव्यपदेशाच्च ॐ ॥ 14-45 ॥
BS_C01_S02_V14 sutra ॐ स्थानादिव्यपदेशाच्च ॐ ॥ 14-45 ॥
BS_C01_S02_V14 sutra ओं स्थानादिव्यपदेशाच्च ओम् ॥ 01-02-14 ॥
BS_C01_S02_V15 sutra ॐ सुखविशिष्टाभिधानादेव च ॐ ॥ 15-46 ॥
BS_C01_S02_V15 sutra ॐ सुखविशिष्टाभिधानादेव च ॐ ॥ 15-46 ॥
BS_C01_S02_V15 sutra ओं सुखविशिष्टाभिधानादेव च ओम् ॥ 01-02-15 ॥
BS_C01_S02_V15 sutra ओं सुखविशिष्टाभिधानादेव च ओम् ॥ 01-02-15 ॥
BS_C01_S02_V16 sutra ओं श्रुतोपनिषत्कगत्यभिधानाच्च ओम् ॥ 01-02-16 ॥
BS_C01_S02_V16 sutra ॐ श्रुतोपनिषत्कगत्यभिधानाच्च ॐ ॥ 16-47 ॥
BS_C01_S02_V16 sutra ओं श्रुतोपनिषत्कगत्यभिधानाच्च ओम् ॥ 01-02-16 ॥
BS_C01_S02_V16 sutra ॐ श्रुतोपनिषत्कगत्यभिधानाच्च ॐ ॥ 16-47 ॥
BS_C01_S02_V17 sutra ओम् अनवस्थितेरसम्भवाच्च नेतरः ओम् ॥ 01-02-17॥
BS_C01_S02_V17 sutra ओम् अनवस्थितेरसम्भवाच्च नेतरः ओम् ॥ 01-02-17॥
BS_C01_S02_V17 sutra ॐ अनवस्थितेरसम्भवाच्च नेतरः ॐ ॥ 17-48 ॥
BS_C01_S02_V17 sutra ॐ अनवस्थितेरसम्भवाच्च नेतरः ॐ ॥ 17-48 ॥
BS_C01_S02_V18 sutra ॐ अन्तर्याम्यधिदैवादिषु तद्धर्मव्यपदेशात् ॐ ॥ 18-49 ॥
BS_C01_S02_V18 sutra ओम् अन्तर्याम्यधिदैवादिषु तद्धर्मव्यपदेशात् ओम् ॥ 01-02-18 ॥
BS_C01_S02_V18 sutra ॐ अन्तर्याम्यधिदैवादिषु तद्धर्मव्यपदेशात् ॐ ॥ 18-49 ॥
BS_C01_S02_V18 sutra ओम् अन्तर्याम्यधिदैवादिषु तद्धर्मव्यपदेशात् ओम् ॥ 01-02-18 ॥
BS_C01_S02_V19 sutra ॐ न च स्मार्तमतद्धर्माभिलापात् ॐ ॥ 19-50 ॥
BS_C01_S02_V19 sutra ॐ न च स्मार्तमतद्धर्माभिलापात् ॐ ॥ 19-50 ॥
BS_C01_S02_V19 sutra ओं न च स्मार्तमतद्धर्माभिलापात् ओम् ॥ 01-02-19 ॥
BS_C01_S02_V19 sutra ओं न च स्मार्तमतद्धर्माभिलापात् ओम् ॥ 01-02-19 ॥
BS_C01_S02_V20 sutra ॐ शारीरश्चोभयेऽपि हि भेदेनैनमधीयते ॐ ॥ 20-51 ॥
BS_C01_S02_V20 sutra ॐ शारीरश्चोभयेऽपि हि भेदेनैनमधीयते ॐ ॥ 20-51 ॥
BS_C01_S02_V20 sutra ओं शारीरश्चोभयेऽपि हि भेदेनैनमधीयते ओम् ॥ 01-02-20 ॥
BS_C01_S02_V20 sutra ओं शारीरश्चोभयेऽपि हि भेदेनैनमधीयते ओम् ॥ 01-02-20 ॥
BS_C01_S02_V21 sutra ॐ अदृश्यत्वादिगुणको धर्मोक्तेः ॐ ॥ 21-52 ॥
BS_C01_S02_V21 sutra ओम् अदृश्यत्वादिगुणको धर्मोक्तेः ओम् ॥ 01-02-21 ॥
BS_C01_S02_V21 sutra ओम् अदृश्यत्वादिगुणको धर्मोक्तेः ओम् ॥ 01-02-21 ॥
BS_C01_S02_V21 sutra ॐ अदृश्यत्वादिगुणको धर्मोक्तेः ॐ ॥ 21-52 ॥
BS_C01_S02_V22 sutra ओं विशेषणभेदव्यपदेशाभ्यां नेतरौ ओम् ॥ 01-02-22 ॥
BS_C01_S02_V22 sutra ॐ विशेषणभेदव्यपदेशाभ्यां नेतरौ ॐ ॥ 22-53 ॥
BS_C01_S02_V22 sutra ओं विशेषणभेदव्यपदेशाभ्यां नेतरौ ओम् ॥ 01-02-22 ॥
BS_C01_S02_V22 sutra ॐ विशेषणभेदव्यपदेशाभ्यां नेतरौ ॐ ॥ 22-53 ॥
BS_C01_S02_V23 sutra ओं रूपोपन्यासाच्च ओम् ॥ 01-02-23 ॥
BS_C01_S02_V23 sutra ॐ रूपोपन्यासाच्च ॐ ॥ 23 ॥
BS_C01_S02_V23 sutra ॐ रूपोपन्यासाच्च ॐ ॥ 23 ॥
BS_C01_S02_V23 sutra ओं रूपोपन्यासाच्च ओम् ॥ 01-02-23 ॥
BS_C01_S02_V24 sutra ॐ वैश्वानरः साधारणशब्दविशेषात् ॐ ॥ 24-55॥
BS_C01_S02_V24 sutra ओं वैश्वानरः साधारणशब्दविशेषात् ओम् ॥ 01-02-24॥
BS_C01_S02_V24 sutra ॐ वैश्वानरः साधारणशब्दविशेषात् ॐ ॥ 24-55॥
BS_C01_S02_V24 sutra ओं वैश्वानरः साधारणशब्दविशेषात् ओम् ॥ 01-02-24॥
BS_C01_S02_V25 sutra ॐ स्मर्यमाणमनुमानं स्यादिति ॐ ॥25-56॥
BS_C01_S02_V25 sutra ओं स्मर्यमाणमनुमानं स्यादिति ओम् ॥01-02-25॥
BS_C01_S02_V25 sutra ॐ स्मर्यमाणमनुमानं स्यादिति ॐ ॥25-56॥
BS_C01_S02_V25 sutra ओं स्मर्यमाणमनुमानं स्यादिति ओम् ॥01-02-25॥
BS_C01_S02_V26 sutra ॐ शब्दादिभ्योऽन्तः प्रतिष्ठानान्नेति चेन्न तथा दृष्ट्युपदेशादसम्भवात् पुरुषविधमपि चैनमधीयते ॐ ॥ 26-57 ॥
BS_C01_S02_V26 sutra ओं शब्दादिभ्योऽन्तः प्रतिष्ठानान्नेति चेन्न तथा दृष्ट्युपदेशादसम्भवात् पुरुषविधमपि चैनमधीयते ओम् ॥ 26-57 ॥
BS_C01_S02_V26 sutra ॐ शब्दादिभ्योऽन्तः प्रतिष्ठानान्नेति चेन्न तथा दृष्ट्युपदेशादसम्भवात् पुरुषविधमपि चैनमधीयते ॐ ॥ 26-57 ॥
BS_C01_S02_V26 sutra ओं शब्दादिभ्योऽन्तः प्रतिष्ठानान्नेति चेन्न तथा दृष्ट्युपदेशादसम्भवात् पुरुषविधमपि चैनमधीयते ओम् ॥ 26-57 ॥
BS_C01_S02_V27 sutra ओम् अत एव न देवता भूतं च ओम् ॥ 01-02-27॥
BS_C01_S02_V27 sutra ॐ अत एव न देवता भूतं च ॐ ॥ 27-58॥
BS_C01_S02_V27 sutra ओम् अत एव न देवता भूतं च ओम् ॥ 01-02-27॥
BS_C01_S02_V27 sutra ॐ अत एव न देवता भूतं च ॐ ॥ 27-58॥
BS_C01_S02_V28 sutra ओं साक्षादप्यविरोधं जैमिनिः ओम् ॥ 01-02-28 ॥
BS_C01_S02_V28 sutra ओं साक्षादप्यविरोधं जैमिनिः ओम् ॥ 01-02-28 ॥
BS_C01_S02_V28 sutra ॐ साक्षादप्यविरोधं जैमिनिः ॐ ॥ 28-59 ॥
BS_C01_S02_V28 sutra ॐ साक्षादप्यविरोधं जैमिनिः ॐ ॥ 28-59 ॥
BS_C01_S02_V29 sutra ओम् अभिव्यक्तेरित्याश्मरथ्यः ओम् ॥ 01-02-29 ॥
BS_C01_S02_V29 sutra ओम् अभिव्यक्तेरित्याश्मरथ्यः ओम् ॥ 01-02-29 ॥
BS_C01_S02_V29 sutra ॐ अभिव्यक्तेरित्याश्मरथ्यः ॐ ॥ 29-60 ॥
BS_C01_S02_V29 sutra ॐ अभिव्यक्तेरित्याश्मरथ्यः ॐ ॥ 29-60 ॥
BS_C01_S02_V30 sutra ओम् अनुस्मृतेर्बादरिः ओम् ॥ 01-02-30 ॥
BS_C01_S02_V30 sutra ॐ अनुस्मृतेर्बादरिः ॐ ॥ 30-61 ॥
BS_C01_S02_V30 sutra ॐ अनुस्मृतेर्बादरिः ॐ ॥ 30-61 ॥
BS_C01_S02_V30 sutra ओम् अनुस्मृतेर्बादरिः ओम् ॥ 01-02-30 ॥
BS_C01_S02_V31 sutra ओं सम्पत्तेरिति जैमिनिस्तथा हि दर्शयति ओम् ॥ 01-02-31 ॥
BS_C01_S02_V31 sutra ओं सम्पत्तेरिति जैमिनिस्तथा हि दर्शयति ओम् ॥ 01-02-31 ॥
BS_C01_S02_V31 sutra ॐ सम्पत्तेरिति जैमिनिस्तथा हि दर्शयति ॐ ॥ 31-62 ॥
BS_C01_S02_V31 sutra ॐ सम्पत्तेरिति जैमिनिस्तथा हि दर्शयति ॐ ॥ 31-62 ॥
BS_C01_S02_V32 sutra ॐ आमनन्ति चैनमस्मिन् ॐ ॥ 32-63 ॥
BS_C01_S02_V32 sutra ओम् आमनन्ति चैनमस्मिन् ओम् ॥ 01-02-32 ॥
BS_C01_S02_V32 sutra ॐ आमनन्ति चैनमस्मिन् ॐ ॥ 32-63 ॥
BS_C01_S02_V32 sutra ओम् आमनन्ति चैनमस्मिन् ओम् ॥ 01-02-32 ॥
BS_C01_S03_V01 sutra ॐ द्युभ्वाद्यायतनं स्वशब्दात् ॐ ॥ 01-64 ॥
BS_C01_S03_V01 sutra ओं द्युभ्वाद्यायतनं स्वशब्दात् ओम् ॥ 01-03-01 ॥
BS_C01_S03_V01 sutra ॐ द्युभ्वाद्यायतनं स्वशब्दात् ॐ ॥ 01-64 ॥
BS_C01_S03_V01 sutra ओं द्युभ्वाद्यायतनं स्वशब्दात् ओम् ॥ 01-03-01 ॥
BS_C01_S03_V02 sutra ॐ मुक्तोपसृप्यव्यपदेशात् ॐ ॥ 02-65 ॥
BS_C01_S03_V02 sutra ओं मुक्तोपसृप्यव्यपदेशात् ओम् ॥ 01-03-02 ॥
BS_C01_S03_V02 sutra ॐ मुक्तोपसृप्यव्यपदेशात् ॐ ॥ 02-65 ॥
BS_C01_S03_V02 sutra ओं मुक्तोपसृप्यव्यपदेशात् ओम् ॥ 01-03-02 ॥
BS_C01_S03_V03 sutra ॐ नानुमानमतच्छब्दात् ॐ ॥ 03-66 ॥
BS_C01_S03_V03 sutra ॐ नानुमानमतच्छब्दात् ॐ ॥ 03-66 ॥
BS_C01_S03_V03 sutra ओं नानुमानमतच्छब्दात् ओम् ॥ 01-03-03-66 ॥
BS_C01_S03_V03 sutra ओं नानुमानमतच्छब्दात् ओम् ॥ 01-03-03-66 ॥
BS_C01_S03_V04 sutra ॐ प्राणभृच्च ॐ ॥ 04-67 ॥
BS_C01_S03_V04 sutra ओं प्राणभृच्च ओम् ॥ 01-03-04 ॥
BS_C01_S03_V04 sutra ॐ प्राणभृच्च ॐ ॥ 04-67 ॥
BS_C01_S03_V04 sutra ओं प्राणभृच्च ओम् ॥ 01-03-04 ॥
BS_C01_S03_V05 sutra ओं भेदव्यपदेशात् ओम् ॥ 01-03-05 ॥
BS_C01_S03_V05 sutra ॐ भेदव्यपदेशात् ॐ ॥ 05-68 ॥
BS_C01_S03_V05 sutra ओं भेदव्यपदेशात् ओम् ॥ 01-03-05 ॥
BS_C01_S03_V05 sutra ॐ भेदव्यपदेशात् ॐ ॥ 05-68 ॥
BS_C01_S03_V06 sutra (69)ओं प्रकरणात् ओम् ॥ 01-03-06 ॥
BS_C01_S03_V06 sutra ॐ प्रकरणात् ॐ ॥ 06-69 ॥
BS_C01_S03_V06 sutra ॐ प्रकरणात् ॐ ॥ 06-69 ॥
BS_C01_S03_V06 sutra (69)ओं प्रकरणात् ओम् ॥ 01-03-06 ॥
BS_C01_S03_V07 sutra (70)ओं स्थित्यदनाभ्यां च ओम् ॥ 01-03-07 ॥
BS_C01_S03_V07 sutra (70)ओं स्थित्यदनाभ्यां च ओम् ॥ 01-03-07 ॥
BS_C01_S03_V07 sutra ॐ स्थित्यदनाभ्यां च ॐ ॥ 07-70 ॥
BS_C01_S03_V07 sutra ॐ स्थित्यदनाभ्यां च ॐ ॥ 07-70 ॥
BS_C01_S03_V08 sutra (71)ओं भूमा सम्प्रसादादध्युपदेशात् ओम् ॥ 01-03-08 ॥
BS_C01_S03_V08 sutra ॐ भूमा सम्प्रसादादध्युपदेशात् ॐ ॥ 08-71 ॥
BS_C01_S03_V08 sutra ॐ भूमा सम्प्रसादादध्युपदेशात् ॐ ॥ 08-71 ॥
BS_C01_S03_V08 sutra (71)ओं भूमा सम्प्रसादादध्युपदेशात् ओम् ॥ 01-03-08 ॥
BS_C01_S03_V09 sutra ॐ धर्मोपपत्तेश्च ॐ ॥ 09-72 ॥
BS_C01_S03_V09 sutra ॐ धर्मोपपत्तेश्च ॐ ॥ 09-72 ॥
BS_C01_S03_V09 sutra (72)ओं धर्मोपपत्तेश्च ओम् ॥ 01-03-09 ॥
BS_C01_S03_V09 sutra (72)ओं धर्मोपपत्तेश्च ओम् ॥ 01-03-09 ॥
BS_C01_S03_V10 sutra ॐ अक्षरमम्बरान्तधृतेः ॐ ॥ 10-73 ॥
BS_C01_S03_V10 sutra ॐ अक्षरमम्बरान्तधृतेः ॐ ॥ 10-73 ॥
BS_C01_S03_V10 sutra (73)ओम् अक्षरमम्बरान्तधृतेः ओम् ॥ 01-03-10॥
BS_C01_S03_V10 sutra (73)ओम् अक्षरमम्बरान्तधृतेः ओम् ॥ 01-03-10॥
BS_C01_S03_V11 sutra ॐ सा च प्रशासनात् ॐ ॥ 11-74 ॥
BS_C01_S03_V11 sutra ॐ सा च प्रशासनात् ॐ ॥ 11-74 ॥
BS_C01_S03_V11 sutra (74)ओं सा च प्रशासनात् ओम् ॥ 01-03-11 ॥
BS_C01_S03_V11 sutra (74)ओं सा च प्रशासनात् ओम् ॥ 01-03-11 ॥
BS_C01_S03_V12 sutra ॐ अन्यभावव्यावृत्तेश्च ॐ ॥ 12-75 ॥
BS_C01_S03_V12 sutra (75)ओम् अन्यभावव्यावृत्तेश्च ओम् ॥ 01-03-12 ॥
BS_C01_S03_V12 sutra (75)ओम् अन्यभावव्यावृत्तेश्च ओम् ॥ 01-03-12 ॥
BS_C01_S03_V12 sutra ॐ अन्यभावव्यावृत्तेश्च ॐ ॥ 12-75 ॥
BS_C01_S03_V13 sutra (76)ओम् ईक्षतिकर्मव्यपदेशात् सः ओम् ॥ 01-03-13 ॥
BS_C01_S03_V13 sutra ॐ ईक्षतिकर्मव्यपदेशात् सः ॐ ॥ 13-76 ॥
BS_C01_S03_V13 sutra (76)ओम् ईक्षतिकर्मव्यपदेशात् सः ओम् ॥ 01-03-13 ॥
BS_C01_S03_V13 sutra ॐ ईक्षतिकर्मव्यपदेशात् सः ॐ ॥ 13-76 ॥
BS_C01_S03_V14 sutra ॐ दहर उत्तरेभ्यः ॐ ॥ 14-77 ॥
BS_C01_S03_V14 sutra (77)ओं दहर उत्तरेभ्यः ओम् ॥ 01-03-14 ॥
BS_C01_S03_V14 sutra (77)ओं दहर उत्तरेभ्यः ओम् ॥ 01-03-14 ॥
BS_C01_S03_V14 sutra ॐ दहर उत्तरेभ्यः ॐ ॥ 14-77 ॥
BS_C01_S03_V15 sutra (78)ओं गतिशब्दाभ्यां तथा हि दृष्टं लिङ्गं च ओम् ॥ 01-03-15 ॥
BS_C01_S03_V15 sutra ॐ गतिशब्दाभ्यां तथा हि दृष्टं लिङ्गं च ॐ ॥ 15-78 ॥
BS_C01_S03_V15 sutra ॐ गतिशब्दाभ्यां तथा हि दृष्टं लिङ्गं च ॐ ॥ 15-78 ॥
BS_C01_S03_V15 sutra (78)ओं गतिशब्दाभ्यां तथा हि दृष्टं लिङ्गं च ओम् ॥ 01-03-15 ॥
BS_C01_S03_V16 sutra (79)ओं धृतेश्च महिम्नोऽस्यास्मिन्नुपलब्धेः ओम् ॥ 16 ॥
BS_C01_S03_V16 sutra (79)ओं धृतेश्च महिम्नोऽस्यास्मिन्नुपलब्धेः ओम् ॥ 16 ॥
BS_C01_S03_V16 sutra ॐ धृतेश्च महिम्नोऽस्यास्मिन्नुपलब्धेः ॐ ॥ 16-79 ॥
BS_C01_S03_V16 sutra ॐ धृतेश्च महिम्नोऽस्यास्मिन्नुपलब्धेः ॐ ॥ 16-79 ॥
BS_C01_S03_V17 sutra ॐ प्रसिद्धेश्च ॐ ॥ 17-80 ॥
BS_C01_S03_V17 sutra ॐ प्रसिद्धेश्च ॐ ॥ 17-80 ॥
BS_C01_S03_V17 sutra (80)ओं प्रसिद्धेश्च ओम् ॥ 01-03-17 ॥
BS_C01_S03_V17 sutra (80)ओं प्रसिद्धेश्च ओम् ॥ 01-03-17 ॥
BS_C01_S03_V18 sutra (81)ओम् इतरपरामर्शात् स इति चेन्नासम्भवात् ओम् ॥ 01-03-18 ॥
BS_C01_S03_V18 sutra ॐ इतरपरामर्शात् स इति चेन्नासम्भवात् ॐ ॥ 18-81 ॥
BS_C01_S03_V18 sutra ॐ इतरपरामर्शात् स इति चेन्नासम्भवात् ॐ ॥ 18-81 ॥
BS_C01_S03_V18 sutra (81)ओम् इतरपरामर्शात् स इति चेन्नासम्भवात् ओम् ॥ 01-03-18 ॥
BS_C01_S03_V19 sutra (82)ओम् उत्तराच्चेदाविर्भूतस्वरूपस्तु ओम् ॥ 01-03-19 ॥
BS_C01_S03_V19 sutra (82)ओम् उत्तराच्चेदाविर्भूतस्वरूपस्तु ओम् ॥ 01-03-19 ॥
BS_C01_S03_V19 sutra ॐ उत्तराच्चेदाविर्भूतस्वरूपस्तु ॐ ॥ 19-82 ॥
BS_C01_S03_V19 sutra ॐ उत्तराच्चेदाविर्भूतस्वरूपस्तु ॐ ॥ 19-82 ॥
BS_C01_S03_V20 sutra ॐ अन्यार्थश्च परामर्शः ॐ ॥ 20-83 ॥
BS_C01_S03_V20 sutra (83)ओम् अन्यार्थश्च परामर्शः ओम् ॥ 01-03-20 ॥
BS_C01_S03_V20 sutra (83)ओम् अन्यार्थश्च परामर्शः ओम् ॥ 01-03-20 ॥
BS_C01_S03_V20 sutra ॐ अन्यार्थश्च परामर्शः ॐ ॥ 20-83 ॥
BS_C01_S03_V21 sutra ॐ अल्पश्रुतेरिति चेत् तदुक्तम् ॐ ॥ 21-84 ॥
BS_C01_S03_V21 sutra (84)ओम् अल्पश्रुतेरिति चेत् तदुक्तम् ओम् ॥ 01-03-21॥
BS_C01_S03_V21 sutra ॐ अल्पश्रुतेरिति चेत् तदुक्तम् ॐ ॥ 21-84 ॥
BS_C01_S03_V21 sutra (84)ओम् अल्पश्रुतेरिति चेत् तदुक्तम् ओम् ॥ 01-03-21॥
BS_C01_S03_V22 sutra (85)ओम् अनुकृतेस्तस्य च ओम् ॥ 01-03-22 ॥
BS_C01_S03_V22 sutra (85)ओम् अनुकृतेस्तस्य च ओम् ॥ 01-03-22 ॥
BS_C01_S03_V22 sutra ॐ अनुकृतेस्तस्य च ॐ ॥ 22-85 ॥
BS_C01_S03_V22 sutra ॐ अनुकृतेस्तस्य च ॐ ॥ 22-85 ॥
BS_C01_S03_V23 sutra (86)ओम् अपि स्मर्यते ओम् ॥ 01-03-23 ॥
BS_C01_S03_V23 sutra ॐ आपि स्मर्यते ॐ ॥ 23-86 ॥
BS_C01_S03_V23 sutra ॐ आपि स्मर्यते ॐ ॥ 23-86 ॥
BS_C01_S03_V23 sutra (86)ओम् अपि स्मर्यते ओम् ॥ 01-03-23 ॥
BS_C01_S03_V24 sutra (87)ओं शब्दादेव प्रमितः ओम् ॥ 01-03-24 ॥
BS_C01_S03_V24 sutra ॐ शब्दादेव प्रमितः ॐ ॥ 24-87 ॥
BS_C01_S03_V24 sutra ॐ शब्दादेव प्रमितः ॐ ॥ 24-87 ॥
BS_C01_S03_V24 sutra (87)ओं शब्दादेव प्रमितः ओम् ॥ 01-03-24 ॥
BS_C01_S03_V25 sutra (88)ओं हृद्यपेक्षया तु मनुष्याधिकारत्वात् ओम् ॥ 01-03-25 ॥
BS_C01_S03_V25 sutra ॐ हृद्यपेक्षया तु मनुष्याधिकारत्वात् ॐ ॥ 25-88 ॥
BS_C01_S03_V25 sutra ॐ हृद्यपेक्षया तु मनुष्याधिकारत्वात् ॐ ॥ 25-88 ॥
BS_C01_S03_V25 sutra (88)ओं हृद्यपेक्षया तु मनुष्याधिकारत्वात् ओम् ॥ 01-03-25 ॥
BS_C01_S03_V26 sutra (89)ओं तदुपर्यपि बादरायणः सम्भवात् ओम् ॥ 01-03-26 ॥
BS_C01_S03_V26 sutra ॐ तदुपर्यपि बादरायणः सम्भवात् ॐ ॥ 26-89 ॥
BS_C01_S03_V26 sutra (89)ओं तदुपर्यपि बादरायणः सम्भवात् ओम् ॥ 01-03-26 ॥
BS_C01_S03_V26 sutra ॐ तदुपर्यपि बादरायणः सम्भवात् ॐ ॥ 26-89 ॥
BS_C01_S03_V27 sutra ॐ विरोधः कर्मणेति चेन्नानेकप्रतिपत्तेर्दर्शनात् ॐ॥ 27-90 ॥
BS_C01_S03_V27 sutra ॐ विरोधः कर्मणेति चेन्नानेकप्रतिपत्तेर्दर्शनात् ॐ॥ 27-90 ॥
BS_C01_S03_V27 sutra (90)ओं विरोधः कर्मणीति चेन्नानेकप्रतिपत्तेर्दर्शनात् ओं॥ 01-03-27 ॥
BS_C01_S03_V27 sutra (90)ओं विरोधः कर्मणीति चेन्नानेकप्रतिपत्तेर्दर्शनात् ओं॥ 01-03-27 ॥
BS_C01_S03_V28 sutra ॐ शब्द इति चेन्नातः प्रभवात् प्रत्यक्षानुमानाभ्याम् ॐ ॥ 28-91 ॥
BS_C01_S03_V28 sutra (91)ओं शब्द इति चेन्नातः प्रभवात् प्रत्यक्षानुमानाभ्याम् ओम् ॥ 01-03-28 ॥
BS_C01_S03_V28 sutra ॐ शब्द इति चेन्नातः प्रभवात् प्रत्यक्षानुमानाभ्याम् ॐ ॥ 28-91 ॥
BS_C01_S03_V28 sutra (91)ओं शब्द इति चेन्नातः प्रभवात् प्रत्यक्षानुमानाभ्याम् ओम् ॥ 01-03-28 ॥
BS_C01_S03_V29 sutra ॐ अत एव च नित्यत्वम् ॐ ॥ 29-92 ॥
BS_C01_S03_V29 sutra (92)ओं अत एव च नित्यत्वम् ओम् ॥ 01-03-29 ॥
BS_C01_S03_V29 sutra (92)ओं अत एव च नित्यत्वम् ओम् ॥ 01-03-29 ॥
BS_C01_S03_V29 sutra ॐ अत एव च नित्यत्वम् ॐ ॥ 29-92 ॥
BS_C01_S03_V30 sutra (93)ओं समाननामरूपत्वाच्चावृत्तावप्यविरोधो दर्शनात् स्मृतेश्च ओम् ॥ 01-03-30 ॥
BS_C01_S03_V30 sutra ॐ समाननामरूपत्वाच्चावृत्तावप्यविरोधो दर्शनात् स्मृतेश्च ॐ ॥ 30-93 ॥
BS_C01_S03_V30 sutra (93)ओं समाननामरूपत्वाच्चावृत्तावप्यविरोधो दर्शनात् स्मृतेश्च ओम् ॥ 01-03-30 ॥
BS_C01_S03_V30 sutra ॐ समाननामरूपत्वाच्चावृत्तावप्यविरोधो दर्शनात् स्मृतेश्च ॐ ॥ 30-93 ॥
BS_C01_S03_V31 sutra ॐ मध्वादिष्वसम्भवादनधिकारं जैमिनिः ॐ ॥ 31-94॥
BS_C01_S03_V31 sutra (94)ओं मध्वादिष्वसम्भवादनधिकारं जैमिनिः ओम् ॥ 01-03-31॥
BS_C01_S03_V31 sutra (94)ओं मध्वादिष्वसम्भवादनधिकारं जैमिनिः ओम् ॥ 01-03-31॥
BS_C01_S03_V31 sutra ॐ मध्वादिष्वसम्भवादनधिकारं जैमिनिः ॐ ॥ 31-94॥
BS_C01_S03_V32 sutra ॐ ज्योतिषि भावाच्च ॐ ॥ 32-95॥
BS_C01_S03_V32 sutra (95)ओं ज्योतिषि भावाच्च ओम् ॥ 01-03-32॥
BS_C01_S03_V32 sutra (95)ओं ज्योतिषि भावाच्च ओम् ॥ 01-03-32॥
BS_C01_S03_V32 sutra ॐ ज्योतिषि भावाच्च ॐ ॥ 32-95॥
BS_C01_S03_V33 sutra ॐ भावं तु बादरायणोऽस्ति हि ॐ ॥33-96॥
BS_C01_S03_V33 sutra (96)ओं भावं तु बादरायणोऽस्ति हि ओम् ॥01-03-33॥
BS_C01_S03_V33 sutra (96)ओं भावं तु बादरायणोऽस्ति हि ओम् ॥01-03-33॥
BS_C01_S03_V33 sutra ॐ भावं तु बादरायणोऽस्ति हि ॐ ॥33-96॥
BS_C01_S03_V34 sutra (97)ओं शुगस्य तदनादरश्रवणात् तदाऽऽद्रवणात् सूच्यते हि ओम् ॥01-03-34॥
BS_C01_S03_V34 sutra ॐ शुगस्य तदनादरश्रवणात् तदाऽऽद्रवणात् सूच्यते हि ॐ ॥34-97॥
BS_C01_S03_V34 sutra ॐ शुगस्य तदनादरश्रवणात् तदाऽऽद्रवणात् सूच्यते हि ॐ ॥34-97॥
BS_C01_S03_V34 sutra (97)ओं शुगस्य तदनादरश्रवणात् तदाऽऽद्रवणात् सूच्यते हि ओम् ॥01-03-34॥
BS_C01_S03_V35 sutra (98)ओं क्षत्रियत्वावगतेश्चोत्तरत्र चैत्ररथेन लिङ्गात् ओम् ॥ 01-03-35 ॥
BS_C01_S03_V35 sutra ॐ क्षत्रियत्वावगतेश्चोत्तरत्र चैत्ररथेन लिङ्गात् ॐ ॥ 35-98 ॥
BS_C01_S03_V35 sutra ॐ क्षत्रियत्वावगतेश्चोत्तरत्र चैत्ररथेन लिङ्गात् ॐ ॥ 35-98 ॥
BS_C01_S03_V35 sutra (98)ओं क्षत्रियत्वावगतेश्चोत्तरत्र चैत्ररथेन लिङ्गात् ओम् ॥ 01-03-35 ॥
BS_C01_S03_V36 sutra (99)ओं संस्कारपरामर्शात् तदभावाभिलापाच्च ओम् ॥ 01-03-36 ॥
BS_C01_S03_V36 sutra ॐ संस्कारपरामर्शात् तदभावाभिलापाच्च ॐ ॥ 36-99 ॥
BS_C01_S03_V36 sutra ॐ संस्कारपरामर्शात् तदभावाभिलापाच्च ॐ ॥ 36-99 ॥
BS_C01_S03_V36 sutra (99)ओं संस्कारपरामर्शात् तदभावाभिलापाच्च ओम् ॥ 01-03-36 ॥
BS_C01_S03_V37 sutra (100)ओं तदभावनिर्धारणे च प्रवृत्तेः ओम् ॥ 01-03-37 ॥
BS_C01_S03_V37 sutra ॐ तदभावनिर्धारणे च प्रवृत्तेः ॐ ॥ 37-100 ॥
BS_C01_S03_V37 sutra (100)ओं तदभावनिर्धारणे च प्रवृत्तेः ओम् ॥ 01-03-37 ॥
BS_C01_S03_V37 sutra ॐ तदभावनिर्धारणे च प्रवृत्तेः ॐ ॥ 37-100 ॥
BS_C01_S03_V38 sutra (101)ओं श्रवणाध्ययनार्थप्रतिषेधात् स्मृतेश्च ओम् ॥ 01-03-38 ॥
BS_C01_S03_V38 sutra ॐ श्रवणाध्ययनार्थप्रतिषेधात् स्मृतेश्च ॐ ॥ 38-101 ॥
BS_C01_S03_V38 sutra ॐ श्रवणाध्ययनार्थप्रतिषेधात् स्मृतेश्च ॐ ॥ 38-101 ॥
BS_C01_S03_V38 sutra (101)ओं श्रवणाध्ययनार्थप्रतिषेधात् स्मृतेश्च ओम् ॥ 01-03-38 ॥
BS_C01_S03_V39 sutra (102)ओं कम्पनात् ओम् ॥ 01-03-39 ॥
BS_C01_S03_V39 sutra ॐ कम्पनात् ॐ ॥ 39-102 ॥
BS_C01_S03_V39 sutra (102)ओं कम्पनात् ओम् ॥ 01-03-39 ॥
BS_C01_S03_V39 sutra ॐ कम्पनात् ॐ ॥ 39-102 ॥
BS_C01_S03_V40 sutra ॐ ज्योतिर्दर्शनात् ॐ ॥ 40-103 ॥
BS_C01_S03_V40 sutra (103)ओं ज्योतिर्दर्शनात् ओम् ॥ 01-03-40 ॥
BS_C01_S03_V40 sutra ॐ ज्योतिर्दर्शनात् ॐ ॥ 40-103 ॥
BS_C01_S03_V40 sutra (103)ओं ज्योतिर्दर्शनात् ओम् ॥ 01-03-40 ॥
BS_C01_S03_V41 sutra (104)ओम् आकाशोऽर्थान्तरत्वादिव्यपदेशात् ओम् ॥ 01-03-41 ॥
BS_C01_S03_V41 sutra ॐ आकाशोऽर्थान्तरत्वादिव्यपदेशात् ॐ ॥ 41-104 ॥
BS_C01_S03_V41 sutra ॐ आकाशोऽर्थान्तरत्वादिव्यपदेशात् ॐ ॥ 41-104 ॥
BS_C01_S03_V41 sutra (104)ओम् आकाशोऽर्थान्तरत्वादिव्यपदेशात् ओम् ॥ 01-03-41 ॥
BS_C01_S03_V42 sutra (105)ओं सुषुप्त्युत्क्रान्त्योर्भेदेन ओम् ॥ 01-03-42 ॥
BS_C01_S03_V42 sutra (105)ओं सुषुप्त्युत्क्रान्त्योर्भेदेन ओम् ॥ 01-03-42 ॥
BS_C01_S03_V42 sutra ॐ सुषुप्त्युत्क्रान्त्योर्भेदेन ॐ ॥ 42-105 ॥
BS_C01_S03_V42 sutra ॐ सुषुप्त्युत्क्रान्त्योर्भेदेन ॐ ॥ 42-105 ॥
BS_C01_S03_V43 sutra ॐ पत्यादिशब्देभ्यः ॐ ॥ 43-106 ॥
BS_C01_S03_V43 sutra (106)ओं पत्यादिशब्देभ्यः ओम् ॥ 01-03-43 ॥
BS_C01_S03_V43 sutra ॐ पत्यादिशब्देभ्यः ॐ ॥ 43-106 ॥
BS_C01_S03_V43 sutra (106)ओं पत्यादिशब्देभ्यः ओम् ॥ 01-03-43 ॥
BS_C01_S04_V01 sutra (107)ओम् आनुमानिकमप्येकेषामिति चेन्न शरीररूपकविन्यस्तगृहीतेर्दर्शयति च ओम् ॥ 01-04-01 ॥
BS_C01_S04_V01 sutra ॐ आनुमानिकमप्येकेषामिति चेन्न शरीररूपकविन्यस्तगृहीतेर्दशर्यति च ॐ ॥ 01-107 ॥
BS_C01_S04_V01 sutra (107)ओम् आनुमानिकमप्येकेषामिति चेन्न शरीररूपकविन्यस्तगृहीतेर्दर्शयति च ओम् ॥ 01-04-01 ॥
BS_C01_S04_V01 sutra ॐ आनुमानिकमप्येकेषामिति चेन्न शरीररूपकविन्यस्तगृहीतेर्दशर्यति च ॐ ॥ 01-107 ॥
BS_C01_S04_V02 sutra (108)ओं सूक्ष्मं तु तदर्हत्वात् ओम् ॥ 01-04-02 ॥
BS_C01_S04_V02 sutra (108)ओं सूक्ष्मं तु तदर्हत्वात् ओम् ॥ 01-04-02 ॥
BS_C01_S04_V02 sutra ॐ सूक्ष्मं तु तदर्हत्वात् ॐ ॥ 02-108 ॥
BS_C01_S04_V02 sutra ॐ सूक्ष्मं तु तदर्हत्वात् ॐ ॥ 02-108 ॥
BS_C01_S04_V03 sutra (109)ओं तदधीनत्वादर्थवत् ओम् ॥ 01-04-03 ॥
BS_C01_S04_V03 sutra ॐ तदधीनत्वादर्थवत् ॐ ॥ 03-109 ॥
BS_C01_S04_V03 sutra (109)ओं तदधीनत्वादर्थवत् ओम् ॥ 01-04-03 ॥
BS_C01_S04_V03 sutra ॐ तदधीनत्वादर्थवत् ॐ ॥ 03-109 ॥
BS_C01_S04_V04 sutra ॐ ज्ञेयत्वावचनाच्च ॐ ॥ 04-110 ॥
BS_C01_S04_V04 sutra (110)ओं ज्ञेयत्वावचनाच्च ओम् ॥ 01-04-04 ॥
BS_C01_S04_V04 sutra ॐ ज्ञेयत्वावचनाच्च ॐ ॥ 04-110 ॥
BS_C01_S04_V04 sutra (110)ओं ज्ञेयत्वावचनाच्च ओम् ॥ 01-04-04 ॥
BS_C01_S04_V05 sutra (111)ओं वदतीती चेन्न प्राज्ञो हि ओम् ॥ 01-04-05 ॥
BS_C01_S04_V05 sutra (111)ओं वदतीती चेन्न प्राज्ञो हि ओम् ॥ 01-04-05 ॥
BS_C01_S04_V05 sutra ॐ वदतीती चेन्न प्राज्ञो हि ॐ ॥ 05-111 ॥
BS_C01_S04_V05 sutra ॐ वदतीती चेन्न प्राज्ञो हि ॐ ॥ 05-111 ॥
BS_C01_S04_V06 sutra ॐ प्रकरणात् ॐ ॥ 06-112 ॥
BS_C01_S04_V06 sutra (112)ओं प्रकरणात् ओम् ॥ 01-04-06 ॥
BS_C01_S04_V06 sutra (112)ओं प्रकरणात् ओम् ॥ 01-04-06 ॥
BS_C01_S04_V06 sutra ॐ प्रकरणात् ॐ ॥ 06-112 ॥
BS_C01_S04_V07 sutra ॐ त्रयाणामेव चैवमुपन्यासः प्रश्नश्च ॐ ॥ 07-113 ॥
BS_C01_S04_V07 sutra (113)ओं त्रयाणामेव चैवमुपन्यासः प्रश्नश्च ओम् ॥ 01-04-07 ॥
BS_C01_S04_V07 sutra (113)ओं त्रयाणामेव चैवमुपन्यासः प्रश्नश्च ओम् ॥ 01-04-07 ॥
BS_C01_S04_V07 sutra ॐ त्रयाणामेव चैवमुपन्यासः प्रश्नश्च ॐ ॥ 07-113 ॥
BS_C01_S04_V08 sutra (114)ओं महद्वच्च ओम् ॥ 01-04-08 ॥
BS_C01_S04_V08 sutra ॐ महद्वच्च ॐ ॥ 08-114 ॥
BS_C01_S04_V08 sutra (114)ओं महद्वच्च ओम् ॥ 01-04-08 ॥
BS_C01_S04_V08 sutra ॐ महद्वच्च ॐ ॥ 08-114 ॥
BS_C01_S04_V09 sutra ॐ चमसवदविशेषात् ॐ ॥ 09-115 ॥
BS_C01_S04_V09 sutra ॐ चमसवदविशेषात् ॐ ॥ 09-115 ॥
BS_C01_S04_V09 sutra (115)ओं चमसवदविशेषात् ओम् ॥ 01-04-09 ॥
BS_C01_S04_V09 sutra (115)ओं चमसवदविशेषात् ओम् ॥ 01-04-09 ॥
BS_C01_S04_V10 sutra ॐ ज्योतिरुपक्रमात् तु तथा ह्यधीयत एके ॐ॥ 10-116 ॥
BS_C01_S04_V10 sutra (116)ओं ज्योतिरुपक्रमात्तु तथा ह्यधीयत एके ओं॥ 01-04-10 ॥
BS_C01_S04_V10 sutra ॐ ज्योतिरुपक्रमात् तु तथा ह्यधीयत एके ॐ॥ 10-116 ॥
BS_C01_S04_V10 sutra (116)ओं ज्योतिरुपक्रमात्तु तथा ह्यधीयत एके ओं॥ 01-04-10 ॥
BS_C01_S04_V11 sutra ॐ कल्पनोपदेशाच्च मध्वादिवदविरोधः ॐ ॥ 11-117 ॥
BS_C01_S04_V11 sutra (117)ओं कल्पनोपदेशाच्च मध्वादिवदविरोधः ओम् ॥ 01-04-11 ॥
BS_C01_S04_V11 sutra (117)ओं कल्पनोपदेशाच्च मध्वादिवदविरोधः ओम् ॥ 01-04-11 ॥
BS_C01_S04_V11 sutra ॐ कल्पनोपदेशाच्च मध्वादिवदविरोधः ॐ ॥ 11-117 ॥
BS_C01_S04_V12 sutra ॐ न सङ्ख्योपसङ्ग्रहादपि नानाभावादतिरेकाच्च ॐ॥ 12-118 ॥
BS_C01_S04_V12 sutra ॐ न सङ्ख्योपसङ्ग्रहादपि नानाभावादतिरेकाच्च ॐ॥ 12-118 ॥
BS_C01_S04_V12 sutra (118)ओं न सङ्ख्योपसङ्ग्रहादपि नानाभावादतिरेकाच्च ओं॥ 01-01-12 ॥
BS_C01_S04_V12 sutra (118)ओं न सङ्ख्योपसङ्ग्रहादपि नानाभावादतिरेकाच्च ओं॥ 01-01-12 ॥
BS_C01_S04_V13 sutra (119)ओं प्राणादयो वाक्यशेषात् ओम् ॥ 01-04-13 ॥
BS_C01_S04_V13 sutra ॐ प्राणादयो वाक्यशेषात् ॐ ॥ 13-119 ॥
BS_C01_S04_V13 sutra ॐ प्राणादयो वाक्यशेषात् ॐ ॥ 13-119 ॥
BS_C01_S04_V13 sutra (119)ओं प्राणादयो वाक्यशेषात् ओम् ॥ 01-04-13 ॥
BS_C01_S04_V14 sutra (120)ओं ज्योतिषैकेषामसत्यन्ने ओम् ॥ 01-04-14 ॥
BS_C01_S04_V14 sutra (120)ओं ज्योतिषैकेषामसत्यन्ने ओम् ॥ 01-04-14 ॥
BS_C01_S04_V14 sutra ॐ ज्योतिषैकेषामसत्यन्ने ॐ ॥ 14-120 ॥
BS_C01_S04_V14 sutra ॐ ज्योतिषैकेषामसत्यन्ने ॐ ॥ 14-120 ॥
BS_C01_S04_V15 sutra ॐ कारणत्वेन चाकाशादिषु यथाव्यपदिष्टोक्तेः ॐ ॥ 15-121 ॥
BS_C01_S04_V15 sutra (121)ओं कारणत्वेन चाकाशादिषु यथाव्यपदिष्टोक्तेः ओम् ॥ 01-04-15 ॥
BS_C01_S04_V15 sutra ॐ कारणत्वेन चाकाशादिषु यथाव्यपदिष्टोक्तेः ॐ ॥ 15-121 ॥
BS_C01_S04_V15 sutra (121)ओं कारणत्वेन चाकाशादिषु यथाव्यपदिष्टोक्तेः ओम् ॥ 01-04-15 ॥
BS_C01_S04_V16 sutra (122)ओं समाकर्षात् ओम् ॥ 01-04-16 ॥
BS_C01_S04_V16 sutra ॐ समाकर्षात् ॐ ॥ 16-122 ॥
BS_C01_S04_V16 sutra (122)ओं समाकर्षात् ओम् ॥ 01-04-16 ॥
BS_C01_S04_V16 sutra ॐ समाकर्षात् ॐ ॥ 16-122 ॥
BS_C01_S04_V17 sutra (123)ओं जगद्वाचित्वात् ओम् ॥ 01-04-17 ॥
BS_C01_S04_V17 sutra ॐ जगद्वाचित्वात् ॐ ॥ 17-123 ॥
BS_C01_S04_V17 sutra (123)ओं जगद्वाचित्वात् ओम् ॥ 01-04-17 ॥
BS_C01_S04_V17 sutra ॐ जगद्वाचित्वात् ॐ ॥ 17-123 ॥
BS_C01_S04_V18 sutra ॐ जीवमुख्यप्राणलिङ्गादिति चेत् तद्व्याख्यातम् ॐ ॥ 18-124 ॥
BS_C01_S04_V18 sutra ओं जीवमुख्यप्राणलिङ्गादिति चेत् तद्व्याख्यातम् ओम् ॥ 18-124 ॥
BS_C01_S04_V18 sutra ॐ जीवमुख्यप्राणलिङ्गादिति चेत् तद्व्याख्यातम् ॐ ॥ 18-124 ॥
BS_C01_S04_V18 sutra ओं जीवमुख्यप्राणलिङ्गादिति चेत् तद्व्याख्यातम् ओम् ॥ 18-124 ॥
BS_C01_S04_V19 sutra ॐ अन्यार्थं तु जैमिनिः प्रश्नव्याख्यानाभ्यामपि चैवमेके ॐ ॥ 19-125 ॥
BS_C01_S04_V19 sutra (125)ओं अन्यार्थं तु जैमिनिः प्रश्नव्याख्यानाभ्यामपि चैवमेके ओम् ॥ 01-04-19 ॥
BS_C01_S04_V19 sutra (125)ओं अन्यार्थं तु जैमिनिः प्रश्नव्याख्यानाभ्यामपि चैवमेके ओम् ॥ 01-04-19 ॥
BS_C01_S04_V19 sutra ॐ अन्यार्थं तु जैमिनिः प्रश्नव्याख्यानाभ्यामपि चैवमेके ॐ ॥ 19-125 ॥

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