| id | "Kandukastuti-1" |
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| oldKey | "KNDS_C01_V01" |
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| type | "verse" |
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| chapter | "KNDS_C01" |
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| verseType | "mantra" |
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| lines | | "अम्बरगङ्गाचुम्बितपादः पदतलविदलितगुरुतरशकटः ।" |
| "कालियनागक्ष्वेलनिहन्ता सरसिजनवदलविकसितनयनः॥१॥" |
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| searchText | "अम्बरगङ्गाचुम्बितपादः पदतलविदलितगुरुतरशकटः ।
कालियनागक्ष्वेलनिहन्ता सरसिजनवदलविकसितनयनः॥१॥" |
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| id | "Kandukastuti-2" |
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| type | "verse" |
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| chapter | "KNDS_C01" |
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| verseType | "mantra" |
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| lines | | "कालघनालीकर्बुरकायः शरशतशकलित(सुररिपु)रिपुशतनिवहः ।" |
| "सन्ततमस्मान् पातु मुरारिः सततगसमजवखगपतिनिरतः॥ २॥" |
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| searchText | "कालघनालीकर्बुरकायः शरशतशकलित(सुररिपु)रिपुशतनिवहः ।
सन्ततमस्मान् पातु मुरारिः सततगसमजवखगपतिनिरतः॥ २॥" |
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| chapter | "KNDS_C01" |
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| searchText | "कन्दुकस्तुतिः
॥ इति श्रीमदानन्दतीर्थभगवत्पादाचार्यविरचिता कन्दुकस्तुतिः॥ (श्रीकृष्णपद्यम्)" |
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