Jayantinirnaya/Data: Difference between revisions
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| verse_text = रोहिण्यामर्धरात्रे तु यदा कालाष्टमी भवेत् | | verse_text = रोहिण्यामर्धरात्रे तु यदा कालाष्टमी भवेत् ।¦जयन्ती नाम सा प्रोक्ता सर्वपापप्रणाशिनी॥ १॥ | ||
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| verse_text = यस्यां जातो हरिः साक्षान्निशीथे भगवानजः | | verse_text = यस्यां जातो हरिः साक्षान्निशीथे भगवानजः ।¦तस्मात्तद्दिनमत्यन्तं पुण्यं पापहरं परम्॥ २॥ | ||
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| verse_text = तस्मात् सर्वैरुपोष्या सा जयन्ती नाम वै सदा | | verse_text = तस्मात् सर्वैरुपोष्या सा जयन्ती नाम वै सदा ।¦द्विजातिभिर्विशेषेण तद्भक्तैश्च विशेषतः॥ ३॥ | ||
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| verse_text = यो भुङ्क्ते तद्दिने मोहात्पूयशोणितमत्ति सः | | verse_text = यो भुङ्क्ते तद्दिने मोहात्पूयशोणितमत्ति सः ।¦तस्मादुपवसेत् पुण्यं तद्दिनं श्रद्धयान्वितः॥ ४॥ | ||
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| verse_text = कृत्वा शौचं यथान्यायं स्नानं कुर्यादतन्द्रितः | | verse_text = कृत्वा शौचं यथान्यायं स्नानं कुर्यादतन्द्रितः ।¦प्रभातकाले मेधावी योगायेति यथाविधि॥ ५॥ | ||
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| verse_text = नित्याह्निकं प्रकुर्वीत भगवन्तमनुस्मरन् | | verse_text = नित्याह्निकं प्रकुर्वीत भगवन्तमनुस्मरन् ।¦योगाय योगपतये योगेश्वराय योगसम्भवाय श्रीगोविन्दाय नमो नमः॥ ६॥ | ||
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| verse_text = मध्याह्नकाले च पुमान् सायङ्काले त्वतन्द्रितः | | verse_text = मध्याह्नकाले च पुमान् सायङ्काले त्वतन्द्रितः ।¦स्नायीत पूर्वमन्त्रेण वासुदेवमनुस्मरन्॥ ७॥ | ||
| verse_lines = मध्याह्नकाले च पुमान् सायङ्काले त्वतन्द्रितः ।¦स्नायीत पूर्वमन्त्रेण वासुदेवमनुस्मरन्॥ ७॥ | | verse_lines = मध्याह्नकाले च पुमान् सायङ्काले त्वतन्द्रितः ।¦स्नायीत पूर्वमन्त्रेण वासुदेवमनुस्मरन्॥ ७॥ | ||
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| verse_text = ततः पूजां प्रकुर्वीत विधिवत्सुसमाहितः | | verse_text = ततः पूजां प्रकुर्वीत विधिवत्सुसमाहितः ।¦यज्ञायेति च मन्त्रेण श्रद्धाभक्तियुतः पुमान्॥ ८॥ | ||
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| verse_text = कृष्णं च बलभद्रं च वसुदेवं च देवकीम् | | verse_text = कृष्णं च बलभद्रं च वसुदेवं च देवकीम् ।¦नन्दगोपं यशोदां च सुभद्रां तत्र पूजयेत् ।¦अर्घ्यं दत्वा समभ्यर्च्याभ्युदिते शशिमण्डले॥ ९॥ | ||
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